About the Writer

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Not so young Fashion Graduate From National Institute of Fashion Technology (NIFT), Delhi, India. Aspiring journalist. Amongst other eclectic hobbies, she likes writing and has written several poems and articles over her school and college life and now for a living. She would someday like to be be a more popular writer than just on her blogs. 'Tis a lady of grand splendor, who waketh in my bed every morning while the sun beckons her towards night...

Friday, May 28, 2010

Paulo and me

रेत से घर नहीं बनते,
बस ख्वाब बनते है,
औत उचकते समुंदर में खो जाते है रात में|

उसमें सूखे पत्तो के दरवाज़े,
जागते सूरज में रंग भरते हैं|

Ice cream के wrapper से बना रास्ता
सिर्फ एक कुचला हुआ
पल बनके रह जाता है |

हर शाम,
तेरे मेरे पैरो के निशान,
और काई निशानियों के बीच खो जाते है|

फिर भी अगली शाम,
हम दोनों बैठते है,
उसी दुश्मन समुन्दर के किनारे|
उसे challenge  करके कहते है
"आज और बड़ा घर बनाएँगे,
इतना बड़ा कि,
उसकी देहलीज़ न छू सकेगा तू" ...
और जुट जाते है,
अपने नन्हे हाथों में,
एक लकड़ी का टुकड़ा लिए |
एक नया सा कोई ख्वाब,
एक नयी याद बनाने |
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