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Not so young Fashion Graduate From National Institute of Fashion Technology (NIFT), Delhi, India. Aspiring journalist. Amongst other eclectic hobbies, she likes writing and has written several poems and articles over her school and college life and now for a living. She would someday like to be be a more popular writer than just on her blogs. 'Tis a lady of grand splendor, who waketh in my bed every morning while the sun beckons her towards night...

Monday, May 29, 2006

दफ़न

कुछ पुराने गम ख़ुरेद दिए है मैने,
और गमो की लाशों को उठाए चले जा रहे है।

पलकों से अब तो आसूँ भी नही टपकते,
शायद इस प्यासी रूह को इसकी ज़रूरत थी।

आज की सुब और न आए तो क्या?
आज फ़िर वह चान्दनी मे साथ ना बैठे तो क्या?
तेरे हथेली की उन लकीरों मे जो हम अपना नाम ढूँढते है,
वो नाम भी मिट जाए,हमारी किस्मत है।

अब ख्वाहिशें ही और नही उड़ती,
उन सितारों से जड़े आस्मा मे।
अब तेरी मेरी कहानियाँ नही बनती,

लफ़्ज़ सुख गए हैं....शायद आसुओं की आस मे।

और वो लाशें?
वो तो कबके दफ़ना दिए थे...
अब तो बस तस्वीरे रह गई है....
कुछ् परत सी जमी है उन पर,
साफ़ किया तो याद आया...
आसूँ वहीं गिर के सुख गए थे!
just wrote an old poem of my blog......in hindi.....
and somehow it makes more sense...and seriously im a lil too vella...so doing all this
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